रेस्तराँ संचालन के तरीके
काउंटर से पहले ही लिए गए स्नैक्स का हिसाब कैसे रखें: जानकारी देखना, लिए गए आइटम दर्ज करना और नए आइटम बनाना अलग रखें
काउंटर से ग्राहक को पहले ही दिए गए स्नैक्स की जानकारी मूल खरीद रिकॉर्ड के आधार पर टेबल पर सेवा संभालने वाले कर्मचारियों को दें; उन्हें तैयार किए जाने वाले नए ऑर्डर के रूप में दर्ज न करें। जानकारी देखने, पहले ही लिए गए आइटम दर्ज करने और ताज़ा बनाने के लिए नया ऑर्डर देने की कार्रवाइयाँ अलग रखें। आइटम सौंपने के रिकॉर्ड कार्ड से किस्म, मात्रा, मूल खरीद का संदर्भ और चुकाई गई व बकाया रकम जाँचें। खाने के टैग और खाली प्लेटें केवल रिकॉर्ड ढूँढ़ने में मदद कर सकती हैं; उनसे यह नहीं माना जा सकता कि सिस्टम अपने-आप हिसाब रख रहा है।
काउंटर से दिए जा चुके तैयार आइटम के लिए मूल खरीद रिकॉर्ड देखें; उसे रसोई में नया आइटम बनाने की माँग के रूप में न भेजें। टेबल पर उपलब्ध मेन्यू में उसी आइटम की तस्वीर केवल जानकारी देखने के लिए हो सकती है या नया ऑर्डर देने के लिए भी इस्तेमाल हो सकती है। कर्मचारियों को पहले पूछकर स्पष्ट करना चाहिए कि ग्राहक की कार्रवाई का आशय क्या है। पहले ही ली गई मात्रा, तैयार किए जाने वाले आइटम और भुगतान हुआ है या नहीं—इनकी अलग-अलग जाँच करें। टेबल पर रखी प्लेटों, खाने के टैग या जगह बदलने के आधार पर अनुमान न लगाएँ।
पहले समझें कि ग्राहक क्या करना चाहता है; तुरंत ऑर्डर दर्ज न करें
- व्यंजन की जानकारी देखें: पहले नाम, रेसिपी या कीमत से जुड़े सवालों के जवाब दें; इससे व्यंजन तैयार करने की कोई नई माँग नहीं बनती। सामग्री की पुष्टि मौजूदा विश्वसनीय जानकारी के आधार पर करें; तस्वीरें मिलती-जुलती होने का मतलब यह नहीं कि रेसिपी भी एक जैसी है।
- पहले ही लिए गए तैयार आइटम की पुष्टि करें: मूल डिलीवरी रिकॉर्ड देखें और आइटम, मात्रा तथा उपभोग किसके खाते में है, इसकी जाँच करें। जो हिस्सा पहले ही खाया जा चुका है, उसे दर्ज करने के लिए दोबारा ऑर्डर न भेजें।
- नया ताज़ा ऑर्डर स्पष्ट करें: मात्रा और मौजूदा उपलब्धता की पुष्टि करें, फिर रेस्तराँ के वास्तविक ऑर्डरिंग चैनल से ऑर्डर लें और उसे संबंधित तैयारी-कर्मियों तक पहुँचाएँ।
काउंटर से तैयार आइटम देते समय मात्रा की पुष्टि करें; ताज़ा बनाए जाने वाले गरम खाने की तैयारी स्पष्ट ऑर्डर मिलने के बाद शुरू होनी चाहिए। दोनों तरह के आइटम ग्राहक की खरीद का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन उन्हें परोसने का समय अलग होता है। मेन्यू में साफ़ बताएँ कि कौन-सी जानकारी पहले से सजे तैयार आइटम का परिचय देती है और कौन-सी कार्रवाई नया आइटम बनाने की माँग भेजती है। एक ही अस्पष्ट चयन को जानकारी देने, पहले ही लिए गए आइटम दर्ज करने और तैयारी शुरू कराने—तीनों कामों के लिए इस्तेमाल न करें।
अगर मौजूदा टूल में जानकारी देखना, पहले ही दिए गए आइटम दर्ज करना और तैयारी शुरू करना साफ़ तौर पर अलग नहीं किया जा सकता, तो जिन हिस्सों की पुष्टि ज़रूरी है उनमें कर्मचारी मदद करें। ग्राहक पहले मेन्यू की जानकारी देख सकते हैं और नया ऑर्डर तय करने के बाद मात्रा तथा उपलब्धता की पुष्टि कर सकते हैं। फ्रंट-ऑफ-हाउस कर्मचारी अगले कदम के बारे में साफ़ बताएँ। ऑर्डरिंग चैनल भी वास्तविक सेवा-व्यवस्था के मुताबिक चुनें, ताकि पहले दिए जा चुके आइटम और तैयार किए जाने वाले गरम खाने के रिकॉर्ड अलग-अलग और भरोसेमंद रहें।
काउंटर से आइटम देते समय ऐसा रिकॉर्ड रखें जिसे बाद में ढूँढ़ा जा सके
MenuSnap की लॉन्च गाइड में ऑर्डरिंग चैनल और ऑर्डर लेने वाले विभाग की पुष्टि करने को कहा गया है। काउंटर से आइटम देते समय कर्मचारी को साफ़ बताना चाहिए कि इस डिलीवरी का रिकॉर्ड कैसे रखा जाएगा और ग्राहक के बाद में टेबल पर बैठने पर इसकी जानकारी कैसे दी जाए। ग्राहक को शुरुआत में ही अंदरूनी प्रक्रिया समझने की ज़रूरत नहीं, लेकिन रिकॉर्ड का काम पूरी तरह ग्राहक के जाने तक टालकर बाद में अनुमान न लगाएँ। काउंटर और टेबल पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी ऐसे व्यावसायिक संदर्भ इस्तेमाल करने चाहिए जिन्हें दोनों एक-दूसरे से मिलाकर जाँच सकें।
- सौंपे गए आइटम: इस बार की किस्में, मात्रा और वास्तव में सौंपा गया हिस्सा दर्ज करें। खाने के टैग या खाली प्लेटों से अनुमान न लगाएँ।
- मूल उपभोग की पहचान: ऐसा संदर्भ रखें जिससे मूल रिकॉर्ड ढूँढ़ा जा सके। एक ही समूह के लोग अलग-अलग समय पर आइटम लें, तो हर बार अलग से जाँचें; केवल साथ होने के आधार पर सबको एक ही खाते में न जोड़ें।
- भुगतान की स्थिति: जाँचें कि भुगतान हो चुका है, बाकी है या नतीजे की पुष्टि बाकी है। सहायक कागज़ को भुगतान पूरा होने का प्रमाण न मानें।
- गंतव्य और ज़िम्मेदारी लेने वाला विभाग: दर्ज करें कि ग्राहक टेबल पर गया है या नहीं, वह अभी कहाँ है और ज़िम्मेदारी किसने ली है। जगह बदलने से बिल अपने-आप नहीं जुड़ता।
हर स्नैक बार की सेवा-पद्धति अलग होती है। प्रबंधक पहले तय करें कि अपने रेस्तराँ में तैयार आइटम सौंपने का रिकॉर्ड कैसे रखा जाएगा, फिर तय करें कि टेबल पर उपलब्ध मेन्यू में कौन-से विकल्प दिए जाएँगे। खाने के टैग या प्लेटें केवल याद करने में मदद कर सकती हैं; टूल अपने-आप यह नहीं जान सकता कि ग्राहक ने क्या लिया है।
टेबल के रिकॉर्ड में वही आइटम न दिखे, तब भी पहले मूल डिलीवरी जाँचें
जब ग्राहक काउंटर से अंदर की टेबल पर जाता है, तो नया सर्वर शायद सिर्फ़ टेबल का ऑर्डर देख पाए। ज़िम्मेदारी लेते समय पूछें कि क्या ग्राहक ने पहले कुछ लिया था, उपलब्ध रिकॉर्ड जाँचें और फिर काउंटर संभालने वाले सहकर्मी से पुष्टि करें। मौजूदा टेबल ऑर्डर में कोई आइटम न दिखने पर तुरंत रसोई से उसे दोबारा बनवाने या ग्राहक से फिर ऑर्डर देने को न कहें। पहले यह अलग करें कि कौन-सा आइटम पहले ही दिया जा चुका है, लेकिन उसका हिसाब अभी स्पष्ट नहीं है, और कौन-सा वाकई तैयार किया जाना बाकी है।
अगर ग्राहक दोस्तों के साथ मिलाकर भुगतान करना चाहता है, तो रेस्तराँ में बिल से जुड़ी मौजूदा कार्रवाइयों के नियम देखें। प्लेटें एक ही टेबल पर रख देने को बिल का विलय पूरा होना न मानें। ग्राहक की जगह बदलने और भुगतान की व्यवस्था को अलग-अलग समझाएँ। बात की पुष्टि होने तक अस्थायी हस्तांतरण-पर्ची केवल संदर्भ ढूँढ़ने में मदद कर सकती है; वह भुगतान पूरा होने का प्रमाण नहीं है।
ग्राहक उसी आइटम को फिर देखे तो स्पष्ट करें: कोई सवाल है, एक और चाहिए या ऑर्डर दोहराए जाने का संदेह है?
- आइटम पहले ही दिया जा चुका है, लेकिन रिकॉर्ड की पुष्टि बाकी है: काउंटर पर उसे सौंपने वाले कर्मचारी से मूल खरीद और वास्तव में प्राप्त भुगतान जाँचने को कहें। टेबल के रिकॉर्ड में वह आइटम फिलहाल न दिखने के कारण उसे दोबारा न बनवाएँ और न ही फिर से भुगतान लें।
- ग्राहक साफ़ तौर पर एक और आइटम चाहता है: मौजूदा उपलब्धता जाँचें, मात्रा की पुष्टि करें और उसे पहले दिए गए आइटम से अलग दर्ज करें।
- जिस ऑर्डर के दोहराव होने का संदेह है, उसकी तैयारी शुरू हो चुकी है: पहले ऑर्डर स्वीकार किए जाने की स्थिति और संबंधित तैयारी-स्टेशन पर काम की प्रगति जाँचें। ज़िम्मेदार व्यक्ति बताए कि कहाँ तक बदलाव संभव है; यह मानकर न चलें कि रद्द करने के लिए समय ज़रूर बचा होगा।